जब भी दुनिया की सबसे लग्जरी और अनोखी कारों का नाम लिया जाता है, तो सबसे पहले रोल्स रॉयस फैंटम की तस्वीर आँखों के सामने आ जाती है। यह कार सिर्फ एक गाड़ी नहीं बल्कि एक सपना है, जो बहुत कम लोगों की हकीकत बन पाता है। आम कारें सिर्फ सफर के लिए होती हैं, लेकिन फैंटम को चलाना और उसमें बैठना एक अलग ही अनुभव है। आइए जानते हैं इस शाही कार के बारे में विस्तार से।
1. रोल्स रॉयस का सुनहरा इतिहास
रोल्स रॉयस कंपनी की शुरुआत 1904 में इंग्लैंड में दो लोगों, चार्ल्स रोल्स और हेनरी रॉयस ने की थी। शुरुआत से ही उनका मकसद दुनिया की सबसे बेहतरीन और अनोखी कारें बनाना था।
साल 1925 में पहली बार फैंटम सीरीज़ दुनिया के सामने आई।
धीरे-धीरे यह सीरीज़ लग्जरी और स्टेटस की पहचान बन गई।
फैंटम की खासियत यह रही है कि हर नए मॉडल में कंपनी ने टेक्नोलॉजी, ताकत और आराम को नए स्तर पर पहुँचाया।
2. डिजाइन जो दिल जीत ले
रोल्स रॉयस फैंटम को देखकर ही लोग समझ जाते हैं कि यह कोई आम कार नहीं है।
इसका लंबा, ऊँचा और चौड़ा बॉडी स्ट्रक्चर इसे शाही रूप देता है।
सामने का बड़ा ग्रिल और “स्पिरिट ऑफ एक्स्टेसी” (चिड़िया जैसी प्रतीक मूर्ति) इसे खास बनाती है।
अंदर का इंटीरियर किसी 7-स्टार होटल के रॉयल सुइट से कम नहीं लगता।
हर सीट पर प्रीमियम लेदर, डैशबोर्ड पर हाथ से किया गया लकड़ी और मेटल का काम इसे और भव्य बनाता है।
3. इंजन और परफॉर्मेंस
यह कार सिर्फ दिखने में ही नहीं, बल्कि ताकत और परफॉर्मेंस में भी लाजवाब है।
इसमें 6.75 लीटर का V12 इंजन दिया गया है।
यह इंजन करीब 563 हॉर्सपावर की ताकत देता है।
कार 0 से 100 किमी/घंटा की स्पीड सिर्फ 5 सेकंड में पकड़ सकती है।
इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि चलते समय आपको इंजन की आवाज़ तक सुनाई नहीं देती।
यानी अगर आप इसमें बैठे हैं तो आपको ऐसा लगेगा जैसे कार सड़क पर नहीं बल्कि बादलों पर उड़ रही हो।
4. टेक्नोलॉजी और फीचर्स
रोल्स रॉयस फैंटम को लग्जरी टेक्नोलॉजी का खजाना कहा जाए तो गलत नहीं होगा।
इसमें नाइट विजन कैमरा, लेन डिपार्चर वार्निंग और अडवांस ड्राइविंग सिस्टम है।
बैक सीट पर बैठने वालों के लिए मिनी फ्रिज, बड़ी स्क्रीन और पैर फैलाकर बैठने की सुविधा है।
दरवाज़े ऑटोमैटिकली बंद हो जाते हैं।
इसका साउंड सिस्टम इतना शानदार है कि ऐसा लगता है जैसे आप किसी कॉन्सर्ट हॉल में बैठे हों।
5. कीमत और शौक
अब सवाल आता है – आखिर इसकी कीमत कितनी है?
भारत में रोल्स रॉयस फैंटम की कीमत लगभग 10 से 12 करोड़ रुपये है।
अगर कोई इसे अपने हिसाब से कस्टमाइज करवाए तो कीमत और भी बढ़ सकती है।
यही वजह है कि यह कार सिर्फ अमीर बिज़नेस टायकून, बड़े फिल्म स्टार्स और दुनिया के सबसे धनी लोगों के पास ही होती है।
6. क्यों है इतनी खास?
स्टेटस सिंबल: फैंटम रखना सिर्फ कार रखना नहीं बल्कि अपनी शान और रुतबा दिखाना है।
स्मूद राइड: इसमें बैठकर आपको झटके बिल्कुल महसूस नहीं होते।
दुर्लभ कार: यह हर किसी के पास नहीं होती, इसलिए इसकी कीमत और बढ़ जाती है।
हैंडमेड कार: इसकी हर डिटेल पर इंसान हाथ से काम करता है, मशीनें नहीं।
7. कौन-कौन चलाता है रोल्स रॉयस फैंटम?
भारत में अमिताभ बच्चन, अजय देवगन, प्रियंका चोपड़ा जैसे बड़े फिल्मी सितारे और बिज़नेस जगत के दिग्गज इस कार के मालिक हैं। विदेशों में तो यह कार अरबपतियों और राजघरानों की पहली पसंद रही है।
8. गरीब क्यों नहीं खरीद सकता?
यह सवाल अक्सर आता है कि आम आदमी इसे क्यों नहीं खरीद सकता।
पहला कारण इसकी बहुत ज्यादा कीमत है।
दूसरा कारण इसका मेंटेनेंस खर्च, जो लाखों रुपये महीना हो सकता है।
तीसरा कारण इसका स्टेटस, क्योंकि इसे रखने के लिए सिर्फ पैसे ही नहीं बल्कि अलग स्तर की पहचान और रुतबा चाहिए।
निष्कर्ष
रोल्स रॉयस फैंटम सिर्फ एक कार नहीं बल्कि एक सपना और शाही अहसास है। यह कार आम लोगों के लिए नहीं बल्कि उन लोगों के लिए बनी है जिनकी जिंदगी में पैसे की कोई कमी नहीं है। लेकिन भले ही हम इसे खरीद न सकें, इसके बारे में जानना और इसे सड़कों पर चलते देखना अपने आप में एक अनोखा अनुभव है।
