PET Exam 2025: छात्रों के लिए सरकार ने चलाई 11 हज़ार बसें

prashantyadav556667766@gmail.com

उत्तर प्रदेश में हर साल लाखों छात्र-छात्राएँ सरकारी नौकरी पाने का सपना देखते हैं। इन सपनों को पूरा करने का पहला चरण है PET यानी प्रीलिम्स एलीजिबिलिटी टेस्ट (Pre Eligibility Test)। 2025 में होने वाली PET परीक्षा को लेकर छात्रों में काफी उत्साह और तैयारियाँ देखने को मिल रही हैं। लेकिन इस बार एक बड़ी समस्या का हल सरकार ने खुद निकाल दिया है। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की सुविधा के लिए 11 हज़ार से ज़्यादा बसों की व्यवस्था की गई है। यह कदम छात्रों के लिए बहुत राहत भरा है, क्योंकि परीक्षा केंद्र तक पहुँचने के लिए अक्सर उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।


PET परीक्षा क्यों है ज़रूरी?

PET परीक्षा को उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षा माना जाता है। लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं और सफल होने पर उन्हें आगे अन्य भर्ती परीक्षाओं में बैठने का अवसर मिलता है।

  • इस परीक्षा के बिना लेखपाल, क्लर्क, जूनियर असिस्टेंट, टेक्नीशियन, दरोगा और अन्य सरकारी पदों की भर्ती में शामिल नहीं हुआ जा सकता।

  • PET पास करने के बाद ही छात्र मुख्य भर्ती परीक्षा या इंटरव्यू के लिए योग्य होते हैं।

  • इसे सरकारी नौकरी की तरफ बढ़ने का पहला पड़ाव कहा जाता है।

इस वजह से छात्र इस परीक्षा को बहुत गंभीरता से लेते हैं और इसमें शामिल होने के लिए दूर-दराज़ से यात्रा करके आते हैं।


परिवहन की बड़ी चुनौती

अब तक PET परीक्षा की सबसे बड़ी दिक्कत यह रही है कि लाखों छात्रों को अलग-अलग जिलों में परीक्षा केंद्रों तक पहुँचना होता है। गाँवों और कस्बों से आने वाले छात्रों को अक्सर ट्रेनों और सामान्य बसों में जगह नहीं मिल पाती।

  • ट्रेनों में भीड़ बहुत ज़्यादा हो जाती है।

  • रोडवेज बसें भी सीमित संख्या में चलती हैं।

  • कई छात्र समय पर परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुँच पाते।

  • अभिभावकों के लिए भी यह स्थिति चिंता का कारण बनती है।

इन्हीं मुश्किलों को देखते हुए इस बार सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।


11 हज़ार बसों की सुविधा

उत्तर प्रदेश सरकार ने PET परीक्षा 2025 के लिए छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुँचाने के लिए 11 हज़ार विशेष बसों का इंतज़ाम किया है।

  • इन बसों का संचालन रोडवेज और परिवहन विभाग की ओर से किया जाएगा।

  • छात्र इन बसों का उपयोग करके आसानी से अपने परीक्षा केंद्र तक पहुँच पाएंगे।

  • कुछ रूट्स पर इन बसों में छात्रों के लिए मुफ़्त यात्रा की सुविधा होगी, वहीं अन्य रूट्स पर बहुत कम किराए पर यात्रा उपलब्ध होगी।

  • बसें परीक्षा से एक दिन पहले से लेकर परीक्षा के बाद तक उपलब्ध रहेंगी।


छात्रों के लिए क्या होगा फ़ायदा?

सरकार की इस पहल से छात्रों को कई तरह के लाभ होंगे –

  1. समय की बचत – छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुँचने में आसानी होगी।

  2. पैसों की बचत – निजी वाहनों या महँगे साधनों की बजाय रोडवेज बसें सस्ती पड़ेंगी।

  3. सुरक्षित यात्रा – रोडवेज बसों की वजह से छात्रों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा मिलेगा।

  4. तनाव कम होगा – अक्सर सफ़र को लेकर जो चिंता रहती है, वह अब कम हो जाएगी।

  5. हर छात्र को मौका – कोई भी छात्र सिर्फ़ परिवहन की समस्या की वजह से परीक्षा से वंचित नहीं रहेगा।


सरकार का उद्देश्य

यह व्यवस्था सिर्फ़ छात्रों को सुविधा देने के लिए नहीं है, बल्कि इसके पीछे सरकार का उद्देश्य है कि परीक्षा शांतिपूर्वक और निष्पक्ष तरीके से हो।

  • लाखों अभ्यर्थियों को समय पर पहुँचाकर भीड़भाड़ को कम करना।

  • परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले छात्रों की संख्या को घटाना।

  • ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को भी समान अवसर उपलब्ध कराना।


छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया

इस घोषणा के बाद छात्रों और उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। बहुत से छात्र कहते हैं कि पहले उन्हें ट्रेनों की टिकट और भीड़ को लेकर परेशान रहना पड़ता था, लेकिन अब इस पहल से उनकी समस्या हल हो जाएगी। अभिभावकों का भी कहना है कि यह व्यवस्था बच्चों की सुरक्षा और सुविधा के लिहाज़ से बहुत अहम है।


PET परीक्षा उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं के करियर का पहला कदम है। सरकार द्वारा 11 हज़ार बसों की व्यवस्था करना एक ऐतिहासिक फैसला कहा जा सकता है। यह कदम न सिर्फ़ छात्रों की मदद करेगा बल्कि परीक्षा को सफल और निष्पक्ष बनाने में भी योगदान देगा। आने वाले समय में यह व्यवस्था अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी आदर्श मॉडल बन सकती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *